Home Top Ad

Responsive Ads Here

गुजरात में बन रही दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति, देखें अंदर से नजारा

Share:




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा सपना पूरा होने जा रहा है. गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी चाहते थे कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की एक ऐसी प्रतिमा बने जो दुनिया में सबसे ऊंची हो. वो प्रतिमा बन चुकी है जिसका मोदी अनावरण करेंगे लेकिन आपको उस मूर्ति तक ऐसे ही बोट की सवारी से जाना होगा. लौह पुरुष के नाम से मशहूर सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे विशाल मूर्ति तक सबसे पहले आजतक पहुंचा है. देखिये क्या है इस मूर्ति की खासियतें.

मूर्ति में लगेंगी दो लिफ्ट

पटेल की ये 182 मीटर ऊंची मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है. इसके आगे ना तो 120 मीटर ऊंची चीन वाली स्प्रिंग बुद्ध मूर्ति टिकती है, ना ही 90 मीटर ऊंची न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी. आजतक की टीम पूरी तैयारी के साथ अंदर उस जगह तक पहुंची, जहां तक निर्माण कार्य हो चुका है. सामने की ओर नया ब्रिज आम आदमी के लिए है कि लोग अंदर आएं और पटेल के पैर तक पहुंचे सीढियों से. वहां पर दो लिफ्ट हैं, जिससे एक साथ दो सौ लोग पटेल के सीने तक जहां गैलरी है, वहां जा सकते हैं. वहां से सरदार सरोवर बांध तक का दृश्य दिखेगा.

800 स्थानीय और 200 चीनी मजदूरों ने किया काम

इस मूर्ति के निर्माण के लिए केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद अक्टूबर 2014 में लार्सेन एंड टर्बो कंपनी को ठेका दिया गया. इस पर कंपनी ने 2989 करोड़ रुपये के खर्चे की बात की थी. इस काम को तय समय में अंजाम तक पहुंचाने के लिए 4076 मजदूरों ने दो शिफ्टों में काम किया. इसमें 800 स्थानीय और 200 चीन से आए कारीगरों ने भी काम किया. इसके साथ ही वो मूर्ति बन गई जिसमें जज्बातों का लोहा लगा है और अरमानों के ईंट-गारे और पत्थर.

जैकेट के बटन का व्यास ढाई मीटर से ज्यादा का है

इस मूर्ति की भव्यता का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि उनके जैकेट में टंगे बटन का व्यास ही ढाई मीटर से ज्यादा है. इस मूर्ति से पटेल की वो सादगी भी झलकती है जिसमें सिलवटों वाला धोती-कुर्ता, बंडी और कंधे पर चादर उनकी पहचान थी. ये सब कुछ मूर्ति में ढल चुका है. बस उस घड़ी का इंतजार है जब देश अपने सरदार पटेल की सबसे ऊंची छवि को देखेगा. पटेल की जिंदगी के सारे पहलू इस मूर्ति के आसपास खुलते जाएंगे, क्योंकि इसके बेसमेंटर में वो प्रदर्शनी हॉल बनेगा, जो पटेल की यादों को समर्पित होगा.

182 मीटर ऊंचाई के पीछे है राज

इस विशाल प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है. इसकी वजह ये है कि गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं और उन सबकी नुमाइंदगी इस मूर्ति में दिखाने की कोशिश हुई है. इससे ज्यादा इस प्रतिमा का 2019 को लेकर भी राजनीतिक कयास हैं.

पीएम मोदी 31 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

हिंदुस्तान के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की सूझबूझ और फौलादी इरादों ने राजे रजवाड़ों की जागीरों में बंटे और अंग्रेजों के हाथों लुटे-पिटे इस देश को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा कर दिया. इनका यही व्यक्तित्व इस देश को लुभाता है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनके नाम और पहचान के इतने बड़े कायल हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति पटेल की बनवा रहे हैं, जिसका उद्घाटन वो खुद पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को करेंगे.

गुजरात के CM रहते मोदी ने किया था ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते ही एलान किया था कि नर्मदा जिले में सरदार पटेल की इतनी बड़ी और भव्य मूर्ति बनेगी, जिसके सामने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी भी निस्तेज लगेगी. करीब आठ साल पहले इस प्रोजेक्ट का एलान गुजरात सरकार ने किया था जब मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे. लेकिन इसका विधिवत एलान हुआ 2013 में. अब ये मूर्ति करीब-करीब तैयार हो चुकी है. गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नर्मदा जिले के इस साधुपेट इलाके में सरदार पटेल की सबसे ऊंची मूर्ति का शिलान्यास किया था. पांच साल में ये मूर्ति बनकर जनता-जनार्दन के दर्शन के लिए करीब-करीब तैयार हो गई है.

पूरे देश से मांगा गया था लोहा

सरदार पटेल की शख्सियत में वो दम था कि उनको सम्मान से लौह पुरुष कहा जाता था. इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कोने कोने से लोहा मांगा था ताकि वो लोहा पटेल के सपनों को फौलादी बना दे.

मूर्ति के शिलान्यास और उद्घाटन के पीछे इत्तेफाक

अब ये इत्तफाक है या कुछ और, लेकिन पटेल की मूर्ति का शिलान्यास भी तभी हुआ था, जब लोकसभा का चुनाव होने वाला था और उद्घाटन भी तभी होने जा रहा है, जब 2019 की चुनावी आहट देश सुनने लगा 

from hindi news https://ift.tt/2N98IbQ
via IFTTT