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राहुल चले ओबामा की राह, क्राउड फंडिंग से जुटाएंगे चुनावी चंदा

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कांग्रेस पार्टी ने नवंबर 2018 में राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों में क्राउड फंडिंग के लिए पेशेवर युवाओं की एक टीम बनाई है. जाहिर है देश की सबसे पुरानी पार्टी इन दिनों फंड की कमी से जूझ रही है, जिसकी वजह है लोकसभा में पर्याप्त सांसद न होना और पार्टी का कुछ राज्यों में सिमट जाना. लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस कमी को अवसर के रूप में बदलने की कोशिश करते हुए क्राउड फंडिग से चंदा इकट्ठा करने के साथ-साथ जनता से जुड़ने और राजनीति में आमजन की सहभागिता बढ़ाने की योजना बनाई है. 

ओबामा ने भी की थी क्राउड फंडिंग

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी चुनावों में क्राउड फंडिंग की नीति अपनाई थी. इसे ओबामा ने जनता से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बनाया था जिससे अमेरिका में चुनाव लड़े जाने के तरीके में बड़ा परिवर्तन आया था. आज की तारीख में वैश्विक तौर पर क्राउड फंडिंग के माध्यम से करोड़ों डॉलर इकट्ठा किए जा रहे हैं. विश्व बैंक के अनुसार 2025 तक वैश्विक क्राउड फंडिंग का आंकड़ा 93 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2008 के चुनाव में क्राउड फंडिंग के माध्यम से 75 करोड़ डॉलर इक्टठा किए थे जिसमें से 60 करोड़ डॉलर 30 लाख लोगों से एकत्रित किए गए. वहीं 2011 के चुनावों में ओबामा ने क्राउड फंडिंग के जरिए 61.4 करोड़ डॉलर इक्ट्ठा किए जिसमें से 21.4 करोड़ डॉलर छोटे दानदाताओं से एकत्रित किए गए.  

राजस्थान चुनाव में कांग्रेस की अपील

कांग्रेस भी चाहती है कि क्राउड फंडिंग के जरिए स्वच्छ राजनीति की शुरुआत की जाए. यही वजह है कि राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने एक वीडियो जारी करते हुए जनता से अपील की है कि contribute.inc.in के माध्यम से कांग्रेस पार्टी का सहयोग करें. सचिन पायलट का दावा है कि महज वोट दे देना लोकतंत्र में सहभागिता नहीं है क्राउड फंडिंग से माध्यम से जनता खुद को राजनीति में हितधारक के तौर पर देखेगी और चुनावों उनकी भागीदारी बढ़ेगी.

कांग्रेस ने पहले भी की क्राउड फंडिंग

हाल के वर्षों में जिस तरीके से कांग्रेस ने अपनी डिजिटल मौजूदगी बढ़ाई है ऐसे में राजस्थान में होने वाले क्राउड फंडिग एक टेस्ट की तरह है जिसे कांग्रेस आने वाले 2019 आम चुनावों में भी दोहराएगी. गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने पायलट परिक्षण के तौर पर मोलकालमुरु विधान सभा क्षेत्र से खनन माफिया जनार्दन रेड्डी के करीबी श्रीरामुलु के खिलाफ अपने प्रत्याशी योगेश बाबू के लिए क्राउड फंडिंग की थी. वहीं राउरकेला में एक सुपर स्‍पेशिएलिटी हॉस्‍पिटल बनाने की मांग को लेकर ओडीशा से दिल्ली तक की 1400 किमी की यात्रा करने वाले 30 वर्षीय मुक्तिकांत बिसवाल के समर्थन में भी कांग्रेस ने क्राउड फंडिंग के माध्यम से 20 लाख रुपये जुटाए थें.

कांग्रेस का यह प्रयोग नया नहीं है, इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी क्राउड फंडिग के जरिए काफी चंदा इकट्ठा कर चुके हैं.



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