राजस्थान के चुनावी समर में इन दिनों पश्चिमी राजस्थान खासकर अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में पाकिस्तान के कथित मौलाना का ऑडियो घूम रहा है. इस ऑडियो के जरिए यह मौलाना मुस्लिम मतदाताओं को 7 दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए वोट देने की अपील कर रहे हैं.
बाडमेर और जैसलमेर जिलों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 3 लाख के करीब है और इनमें से अधिकतर सिंधी मुस्लिम हैं, जो पाकिस्तान के मुस्लिम धर्मगुरुओं के अनुयायी हैं.
साल 2015 तक पाकिस्तान के शीर्ष धर्मगुरु पीर पगारो सीमावर्ती इलाकों में मतदाताओं को प्रभावित करते आए हैं, लेकिन 2015 में एक अन्य धर्मगुरु ताज हुसैन शाह जिलानी ने इस इलाके का दौरा किया और यहां के मुस्लिम अनुयायियों को बांटने का काम किया.
पाकिस्तानी धर्मगुरु पीर पगारो भारत में अपने प्रतिनिधि गाजी फकीर के जरिए अपना संदेश प्रसारित करते हैं. गाजी फकीर के बेटे सालेह मुहम्मद कांग्रेस के टिकट पर पोखरण से उम्मीदवार हैं. जिलानी ने भी अपने दौरे के दौरान अपने संदेश को प्रसारित करने के लिए भारत के इस हिस्से में कुछ प्रतिनिधि बनाएं.
बाडमेर में घूम रहे इस ऑडियो में कथित तौर पर पाकिस्तानी धर्मगुरु ताज हुसैन शाह जिलानी के बेटे अली हुसैन शाह जिलानी बीजेपी को समर्थन देने की बात कर रहे हैं. ऑडियो के मुताबिक जिलानी ने अपने अनुयायियों से शिव सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार अमीन खान के खिलाफ वोट करने की अपील की है.
इस संदेश में जिलानी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कुछ लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि इस चुनाव में बीजेपी ने मुस्लिम समुदाय से किनारा कर लिया है. वो कहते हैं कि वो बीजेपी सरकार ही थी जिसने पाकिस्तान के सांगरा के रहने वाले पीर सैयद ताज हुसैन शाह जिलानी को फरवरी 2015 में जयपुर में शादी में शरीक होने और अपने अनुयायियों से मिलने में मदद की थी.
जिलानी ने 26 फरवरी और 6 मार्च 2015 को सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और इस दौरान चार रैलियां भी की. जिसमें उन्होंने अपने अनुयायियों से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हर प्रयासों में समर्थन करने की अपील की थी.
इस बीच, कांग्रेस उम्मीदवार अमीन खान का कहना है कि उन्हें इस ऑडियो के बारे में कुछ पता नहीं है. मुस्लिमों ने यह तय कर लिया है कि वे चुनाव में पाकिस्तान का किसी भी तरह का हस्तक्षेप मंजूर नहीं करेंगे और वे अपनी मर्जी के आधार पर ही वोट करेंगे. खान ने आरोप लगाया है कि यह बीजेपी का वोटरों को भ्रमित करने का प्रोपेगैंडा हो सकता है, लेकिन इस तरह की चालबाजी काम नहीं आएगी.
वहीं बाडमेर के कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते का कहना है कि उन्हें इस ऑडियो के बारे में पता नहीं है और इसकी जांच करने बाद ही वे कुछ कहने की स्थिति में होंगे.
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