केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर सीमापार से आतंकी भेजकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया है. उन्होंने जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों से पहले गोली नहीं चलाने के लिए कहा है, लेकिन उकसाये जाने पर गोलियां की संख्या गिने बिना जवाबी कार्रवाई करने को भी कहा.
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि पाकिस्तान आतंकी भेजने से बाज नहीं आ रहा है, लेकिन भारत आतंकवाद के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रहा है.
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सैन्य बलों को दिये निर्देश में कहा गया है कि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है, इसलिए पहले गोली मत चलाइए. लेकिन अगर उस तरफ से एक भी गोली आती है तो जवाबी कार्रवाई में गोलियां मत गिनिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजकर हमें अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन मैं अपनी सेना के जवानों, सुरक्षाबलों और जम्मू कश्मीर पुलिस की तारीफ करना चाहूंगा. तीनों आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं और रोजाना आतंकियों को मार गिराने में जुटे हैं और इसमें सफल हो रहे हैं.
बड़े आतंकी हमले रोके
इससे पहले राजनाथ सिंह ने गुरुग्राम में कहा था कि ‘लोन वुल्फ’ यानी अकेले दम पर तैयारी करके हमला करने वाले आतंकियों से पैदा होने वाला खतरा देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के 34वें स्थापना दिवस समारोह में बल के जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने बेहतरीन समन्वय दिखाया और सुनिश्चित किया है कि कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं हो.
गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद किसी देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया की समूची आबादी को प्रभावित करता है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने आतंकवादियों की विचारधारा के प्रसार में मदद की है. 2008 के बाद से देश में कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं होने देने के लिए एनएसजी और अन्य सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को छोड़कर बाकी जगहों पर आतंकवाद या उग्रवाद पर काबू पाने में वे सफल हुए हैं.
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