बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने यूपी में मायावती के मुख्यमंत्री रहने के दौरान लखनऊ और नोएडा मेंअंबेडकर पार्क बनाए जाने का बचाव किया है. पार्टी प्रवक्ता सुधीन्द्र भदौरिया ने इंडिया टुडे से कहा कि बीएसपी सरदार पटेल की मूर्ति का स्वागत करती है लेकिन साथ ही वो बीजेपी के दोहरेपन के खिलाफ है.
भदौरिया ने कहा, ‘जब हमने अंबेडकर पार्कों का निर्माण किया था तो बीजेपी ने इसे जनता के पैसे का दुरुपयोग बताया था, वो खुद भी अब सरकारी पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं.’
भदौरिया ने कहा, ‘ये अच्छा है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में उनकी मूर्ति का निर्माण हुआ है. वो संयुक्त भारत के बड़े स्टेट्समैन के तौर पर याद किए जाते हैं. सरदार पटेल नेताओं के उस समूह में भी शामिल रहे जिसकी अगुवाई बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर ने की.’
भदौरिया के मुताबिक जब उत्तर प्रदेश में लखनऊ और नोएडा में अंबेडकर पार्क बनाए गए थे तो बीजेपी ने आलोचना में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. भदौरिया ने कहा, ‘तब बीजेपी ने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया था, अब उन्होंने सरकारी पैसे से क्यों स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया, इसके लिए क्यों नहीं अपनी पार्टी के फंड का इस्तेमाल किया.’
बीएसपी प्रवक्ता के मुताबिक अंबेडकर पार्कों को उन सभी महापुरुषों को समर्पित किया गया जिन्होंने गरीबों के उत्थान के लिए काम किया. देश के दलितों के कल्याण के लिए समर्पित महान शख्सियतों जैसे कि डॉ अंबेडकर, महात्मा ज्योतिबा फुले और कांशीराम का सम्मान किया गया.
भदौरिया से जब पूछा गया कि महापुरुषों के साथ मायावती की मूर्ति स्थापित करने का क्या औचित्य था तो उन्होंने कहा कि वो सही कदम था. भदौरिया ने कहा, ‘ये बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की इच्छा थी कि जब उनकी मूर्ति बने तो मायावती की मूर्ति भी साथ बने. ऐसा उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए मायावती के समर्पण को देखते हुए कहा था.’
भदौरिया ने लखनऊ और नोएडा में अंबेडकर पार्कों में पत्थर के हाथी बनाने का भी स्वागत किया. भदौरिया ने कहा, 'अंबेडकर पार्कों में हाथी सिर्फ बीएसपी का प्रतीक नहीं है वो डॉ अंबेडकर और उनकी रिपब्लिकन पार्टी का भी प्रतीक है, इसलिए उसे पार्कों में बनाया गया.'
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