अमेजन, नेटफ्लिक्स समेत इसी तरह के दूसरे ऑनलाइन प्लेटफार्म के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और वल्गर कंटेंट दिखाये जा रहे हैं. साथ ही ये भी कहा गया है कि इनके कंटेंट से देश मे लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही है. याचिका में ऑनलाइन मूवी ऐप पर एक रेगुलेटरी बॉडी बनाने के निर्देश की भी अपील की गई है.
एनजीओ के माध्यम से लगाई गई याचिका में कहा गया है कि ना सिर्फ इस मामले में आईटी एक्ट का उल्लंघन हो रहा है बल्कि अलग-अलग सीरियल और फिल्मों में महिलाओं को नग्न अवस्था में दिखाया जा रहा है. इसके अलावा जिस तरह का कंटेंट इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिखाया जा रहा है वो भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट का भी खुला उल्लंघन है.
बहरहाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर ली है और अब मामले में नवंबर के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी. याचिका में मांग की गई है कि जब तक इस तरह की ऑनलॉइन प्लेटफॉर्म्स के लिए विधिवत गाइडलाइंस नहीं बनती तब तक इन सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया जाए. इससे पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट में नेटफ्लिक्स की सीरीज सैक्रेड गेम्स को बैन करने के लिए भी याचिका लगाई जा चुकी है.
हालांकि उस याचिका में बैन करने की वजह कुछ और गिनाई गई थी. याचिका में सैक्रेड गेम्स सीरियल को बैन करने की सबसे बड़ी वजह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की छवि को खराब करना बताई गई थी. ऑनलॉइन प्लेटफॉर्म पर चल रहे सीरियल्स और कई सीरीज पर पहले भी आरोप लगे हैं कि इनमें उत्तेजक दृश्य और और विवादास्पद संवाद की भरमार है. इसमें भी कोई शक नहीं कि केंद्र सरकार को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए नई और विस्तृत गाइडलाइंस बनाने की जरूरत है क्योंकि फिलहाल इन पर उस तरह का सेंसर नहीं है जैसा फिल्मों और टेलीविजन पर है.
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