रक्षा मंत्रालय ने दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) और सेना के मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन के लिये बख्तरबंद रिकवरी वाहन समेत 3 हजार करोड़ रुपए की सैन्य खरीद को मंजूरी
भारतीय सेना के बेड़े में जल्द ही ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लिए दो स्टेल्थ फ्रिगेट और बख्तरबंद रिकवरी वाहन शामिल हो जाएगा. शनिवार को रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) और सेना के मुख्य युद्धक टैंक 'अर्जुन' के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन समेत 3 हजार करोड़ रुपए की सैन्य खरीद को मंजूरी दी.
सेना के सीनियर अफसर ने बताया कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में डीएसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए मंजूरी दी. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है. भारत एक अरब डॉलर की कीमत के दो स्टेल्थ फ्रिगेट खरीद रहा है और दोनों जहाज स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होंगे.
अफसर ने बताया कि देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल एक जांची-परखी और प्रमाणिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और इसे इन जहाजों पर प्राथमिक हथियार के तौर पर रखा जाएगा.
उन्होंने कहा कि डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
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