अब तक के रुझानों पर मोटी नजर डालें तो भाजपा को जोर का झटका लगता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस को राजस्थान में निर्णायक बढ़त मिलती नजर आती है। वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस, भाजपा के मुकाबले कहीं आगे है। बचा मध्यप्रदेश तो वहां कभी आगे, कभी पीछे के हालात बने हुए हैं।
लेकिन मोटी नजर को जरा दूर रखकर निगाह को पैना और बारीक किया जाए तो आंकड़ों की मोटी चादर के परे आपको कुछ दिलचस्प घटता दिखाई देगा। राजस्थान का रणराजस्थान में जहां कांग्रेस के आंकड़े लगातार बहुमत के करीब मंडरा रहे हैं वहां भाजपा 78 सीट पर है। अब जरा एक नजर डालिए अन्य और बसपा पर। अन्य के खाते में 19 सीट हैं तो बसपा के खाते 3। अब सारे आंकड़ों को जोड़ा जाए तो कांग्रेस के पास हुईं 99 और भाजपा के पास 100।
पिछले कुछ वक्त में भाजपा ने कई राज्यों में बेहद कम सीट के बाद भी कामयाबी से सरकार बनाई है। ऐसे में राजस्थान में जहां सचिन पायलट सरकार बनने का दम भर रहे हैं, उन्हें कुछ मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ये सब अभी रुझान ही हैं। अंतिम नतीजे कोई और तस्वीर भी पेश कर सकते हैं। चुनाव से जुड़ी हर अपडेट के लिए क्लिक करेंमध्यप्रदेश का मैदानमध्यप्रदेश में शुरुआती रुझानों में पिछड़ने के बाद भाजपा रिकवरी मोड में चली गई है। ठीक उस सेंसेक्स की तरह जो आज सुबह खुलने के साथ लाल निशान में था तो दोपहर होते-होते हरे निशान में लौट आया। फिलहाल भाजपा 112 और कांग्रेस 109 पर बनी हुई है। इन आंकड़ों में लगातार उलटफेर हो रहा है। लेकिन खास बात ये है कि यहां बसपा को 5 और अन्य को 6 सीट मिलती दिख रही हैं।
पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा कह चुके हैं कि बसपा से हाथ मिलाने या न मिलाने का फैसला पार्टी हाईकमान को करना है। यानी उन्होंने इस संभावित दोस्ती को खारिज नहीं किया है। तो मध्यप्रदेश का मैदान भी पूरी तरह खुला हुआ है।
यानी राजस्थान और मध्यप्रदेश--दोनों राज्यों में जहां कांग्रेस को बढ़त बताई जा रही है, वहां भाजपा गेम पलट भी सकती है।
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