सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण के मामले में वरिष्ठ नेता और भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे हार के बाद का मरहम बताया है. तिवाड़ी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि सबसे पहले सीकर के रामलीला मैदान से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठी थी.
तिवाड़ी ने कहा कि 16 जुलाई 2008 को विधि मंत्री होने के नाते उन्होंने पहली बार राज्य विधानसभा में इसका बिल पेश किया था. आठ बार विधानसभा में बहस के बाद सर्वसम्मति से यह बिल पास किया गया था. तिवाड़ी ने कहा कि इस मसले को लेकर उन्होंने 15 साल लड़ाई लड़ी है और अब लोकसभा में बिल पेश होना उनके जीवन की बड़ी जीत है. घनश्याम तिवाड़ी ने यह भी कहा कि राजस्थान विधानसभा ने 14 प्रतिशत आरक्षण का बिल पास किया हुआ है और केवल इसका नोटिफिकेशन जारी होना शेष है....
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