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45 मिनट तक जाट समाज और डीसी-एसपी हुए आमने सामने, तालमेल की अपील

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प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन की दोबारा से सुगबुगाहट के साथ ही प्रशासन अलर्ट हो गया है। बृहस्पतिवार से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का विरोध करने के ऐलान के बाद प्रशासन ने समिति पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया। दोनों पक्ष 45 मिनट तक बंद कमरे में आमने सामने रहे। प्रशासन समिति से कोऑर्डिनेशन बनाने की अपील कर रहा है तो दूसरी तरफ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उनकी मांगों को पूरा करने की बात रखी। समिति की तरफ से प्रदेश के 9 जिलों में मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री का गांव में विरोध का ऐलान किया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भी पिछले दिनों किसी को कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ने की बात कही थी। समिति ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध प्रदर्शन शांति पूर्ण ढंग से ही चलेगा।

आरक्षण नहीं मिलने पर समिति ने पिछले दिनों जाट समाज ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का हुक्का पानी तक बंद करने का एलान कर दिया था। लगातार विरोध बढ़ने के साथ 16 अगस्त से प्रदेश के सभी गांवों में मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री के गांव में होने वाले कार्यक्रम का विरोध करने की बात कही। इसके साथ ही दोनों नेताओं की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

विरोध के एलान को देखते हुए बृहस्पतिवार सुबह ही समिति के पदाधिकारियों को उपायुक्त अशोक कुमार मीणा और हिसार-हांसी के पुलिस अधीक्षक ने बातचीत के लिए बुलाया। पदाधिकारियों को कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ने की बात कही गई। समिति की तरफ से उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर विरोध जारी रखने और आंदोलन को समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आदेश पर ही बढ़ाने की बात कही। दोनों पक्षों की बातचीत के बाद पदाधिकारी बाहर आए। बैठक में प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक के अलावा महेंद्र पूनिया, जिला अध्यक्ष हिम्मत ¨सह, महेंद्र पटवारी, दलजीत फौजी, रणधीर बामल, डा. रतिराम, वजीर ढांड़ा, रामधारी लाडवा आदि संघर्ष समिति के पदाधिकारी मौजूद थे। हमेशा प्रशासन ने उनको छेड़ा : मलिक

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं की गई। इस लिए उनको आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। समिति ने विरोध करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का विरोध करने का ऐलान किया था। प्रशासन उनसे बातचीत कर रहा है। प्रशासन की तरफ से ही हर आंदोलन में छेड़छाड़ हुई। समाज की तरफ से किसी भी आंदोलन में पहले कोई ¨हसा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री के विधानसभा हलके में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।